PoK में प्रदर्शन करने वाले हो रहे लापता! घरों में घुस रही पाकिस्तानी फौज, इंटरनेट बंद से मचा हड़कंप

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.

Pakistani army is entering Protesters homes in PoK Internet shutdown
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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर ने एक ऑडियो संदेश जारी कर पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा एजेंसियों पर आंदोलन को दबाने के आरोप लगाए हैं.

मीर ने दावा किया कि आंदोलन को खत्म करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां बड़े पैमाने पर अभियान चला रही हैं. उनके अनुसार, JAAC की कोर कमेटी के सदस्यों, समर्थकों और आंदोलन को आर्थिक या सार्वजनिक समर्थन देने वाले परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि रात में घरों पर छापेमारी की जा रही है, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जा रहा है.

गिरफ्तारी और लापता होने के दावे

ऑडियो संदेश में यह भी कहा गया कि कई कार्यकर्ताओं को बिना स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया गया है और कुछ लोगों को कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया है. मीर का कहना है कि परिवारों को उनके ठिकाने या सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही.

कोटली, नीलम और रावलाकोट का जिक्र

उन्होंने PoK की स्थिति को मानवीय संकट बताते हुए कहा कि कोटली, नीलम और रावलाकोट जैसे इलाकों में हालिया झड़पों के दौरान कई स्थानीय लोगों की मौत हुई है. उनका आरोप है कि अर्धसैनिक बलों को भीड़ या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर बल प्रयोग की खुली छूट दी गई है.

संचार सेवाओं पर रोक के दावे

मीडिया रिपोर्टों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि इलाके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर व्यापक पाबंदियां लगाई गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय लोग अपनी बात बाहरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए ऑडियो रिकॉर्डिंग और वैकल्पिक संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सूचना का प्रवाह काफी सीमित हो गया है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

शौकत नवाज मीर ने स्थानीय लोगों, विदेशों में रहने वाले कश्मीरी समुदाय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप और समर्थन की अपील की है. वहीं पाकिस्तान का आधिकारिक सुरक्षा तंत्र इन घटनाओं को लेकर अलग दृष्टिकोण पेश कर रहा है.

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