शर्त नहीं मानी तो बम बरसाएंगे... ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी, कहा - डील फाइनल नहीं

ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और यदि तेहरान अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है.

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Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक नया बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और यदि तेहरान अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उनके इस बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव और संभावित टकराव को लेकर नई आशंकाएं पैदा हो गई हैं.

मिस्र के राष्ट्रपति के साथ बैठक में दिया बड़ा बयान

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ हुई बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, "ईरान के साथ डील फाइनल नहीं है. ये सिर्फ MoU है. अगर ईरान ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानी तो हम फिर से बमबारी करेंगे." ट्रंप के इस बयान को ईरान के लिए सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.

ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी

बैठक के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, "अगर उन्होंने ढंग से बर्ताव नहीं किया तो हम सीधे उनके सिर पर बम गिराएंगे. क्योंकि उन्होंने पिछले 47 सालों से गलत बर्ताव किया है." ट्रंप ने इस दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ईरान नीति की भी आलोचना की. उन्होंने कहा, "पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने जो जेसीपीओए (JCPOA - ईरान न्यूक्लियर डील) की थी, उसमें उन्होंने उन्हें (ईरान को) 1.7 अरब डॉलर कैश (नकद) सौंप दिए थे. उन्हें करोड़ों डॉलर दिए. उन्होंने पैसे देकर रास्ता निकालने की कोशिश की. मैंने ऐसा नहीं किया."

300 अरब डॉलर के फंड की खबरों को बताया झूठा

डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्ट्स को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि खाड़ी देशों के सहयोग से 300 अरब डॉलर का एक बड़ा कंस्ट्रक्शन फंड तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस तरह की किसी भी योजना में आर्थिक निवेश नहीं करेगा. ट्रंप ने कहा, "अगर दूसरे देश अपनी मर्जी से निवेश करना चाहें तो हम उन्हें नहीं रोक सकते हैं, लेकिन खाड़ी देश भी तब तक इंवेस्ट नहीं करेंगें जब तक वे ईरान का बर्ताव देख नहीं लेते."

ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के खिलाफ पहले की सरकारों की तुलना में कहीं ज्यादा सख्त नीति अपनाई है. उन्होंने कहा, "क्लिंटन, बुश, ओबामा और बाइडन जैसे पिछले राष्ट्रपतियों ने इस समस्या को सुलझाने के लिए कुछ नहीं किया और ईरान पिछले 47 सालों से अमेरिका को ठगता रहा." उन्होंने आगे कहा, "हमने ईरान की नौसेना, वायुसेना और पूरे सैन्य सिस्टम को तबाह कर दिया है, जिससे ईरान के पास न तो रडार बचे हैं और ना ही मिसाइल रक्षा प्रणाली."

नौसेना की कार्रवाई और तेल की कीमतों पर टिप्पणी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ कई गुप्त अभियान चलाए हैं. ट्रंप के अनुसार, "अमेरिकी नौसेना ने हर रात ईरान के 15 से 25 जहाजों को गुपचुप तरीके से नष्ट किया, जिसके बारे में जनता को पता भी नहीं चला." उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों की वजह से वैश्विक तेल बाजार पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिली. ट्रंप ने कहा, "इसी कार्रवाई की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 300 डॉलर प्रति बैरल तक नहीं पहुंचीं और काबू में रहीं."

कासिम सुलेमानी का भी किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में की गई सैन्य कार्रवाई का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा, "हमने अपने पहले कार्यकाल में ही ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. इसी सख्त सैन्य घेराबंदी और नाकेबंदी के कारण आज अमेरिका इस स्थिति में पूरी तरह हावी है."

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