हालिया राज्यसभा चुनावों के नतीजों ने संसद के ऊपरी सदन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की स्थिति को और मजबूत कर दिया है. 10 राज्यों की 27 सीटों पर हुए चुनाव में NDA ने 19 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि INDIA गठबंधन के खाते में केवल 5 सीटें आईं.
झारखंड के नतीजों ने विशेष रूप से INDIA गठबंधन को झटका दिया, क्योंकि वहां की दो सीटों में से कोई भी सीट विपक्षी गठबंधन नहीं जीत सका.
झारखंड में NDA समर्थित उम्मीदवार की जीत
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों में एक सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम विजयी रहे, जबकि दूसरी सीट पर NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने जीत दर्ज की. नथवानी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हराया.
इस परिणाम के बाद राज्यसभा में NDA की संख्या और मजबूत हो गई है तथा गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचता दिखाई दे रहा है.
किन राज्यों पर थी नजर?
इन चुनावों में मुख्य मुकाबले की चर्चा मध्य प्रदेश और झारखंड को लेकर थी. मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा को एक सीट बिना मुकाबले के मिल गई, जिससे वहां चुनावी समीकरण पहले ही साफ हो गए थे.
राज्यसभा में क्या है वर्तमान स्थिति?
245 सदस्यीय राज्यसभा में अब NDA के पास 152 सांसदों का समर्थन है, जबकि INDIA गठबंधन की ताकत 63 सदस्यों तक सीमित है.
इसके अलावा, कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन भी NDA के लिए अहम माना जा रहा है. यदि बीजेडी (BJD) और वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) जैसे दलों का सहयोग मिलता है, तो NDA की प्रभावी संख्या 164 तक पहुंच सकती है, जो दो-तिहाई बहुमत के बराबर मानी जाती है.
झारखंड में क्यों दिलचस्प हुआ मुकाबला?
झारखंड में चुनावी मुकाबला उस समय रोचक हो गया जब वाईएसआर कांग्रेस से जुड़े रहे परिमल नथवानी ने NDA के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने का फैसला किया.
81 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की आवश्यकता थी. JMM के पास अकेले 34 विधायक थे, जिससे उसके उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही थी. चुनाव में बैद्यनाथ राम को 30 वोट प्राप्त हुए.
दूसरी ओर NDA के पास कुल 24 विधायक थे, जिनमें भाजपा के 21 विधायक और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन तथा जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक विधायक शामिल थे. ऐसे में अतिरिक्त समर्थन जुटाना NDA के लिए महत्वपूर्ण था.
NDA को मिला राजनीतिक बढ़त का संकेत
इन चुनावी नतीजों को NDA के लिए राजनीतिक रूप से सकारात्मक माना जा रहा है. राज्यसभा में बढ़ती संख्या भविष्य में महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के दौरान गठबंधन की स्थिति को और मजबूत कर सकती है.
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