दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय लूट गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लंबे समय से उत्तर भारत के कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने कुख्यात शुभम पंडित गैंग से जुड़े चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. इनमें एक लाख रुपये का इनामी बदमाश भी शामिल है. पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से कई अनसुलझे मामलों की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है.
चांदी कारोबारी को बनाया था निशाना
मामला 19 अप्रैल 2026 की रात का है, जब समालखा का एक चांदी कारोबारी अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहा था. उसके पास करीब साढ़े तीन किलो चांदी के आभूषण थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई गई. कपासहेड़ा के शिव मंदिर चौक के पास दो बदमाशों ने उसकी स्कूटी को रोकने के लिए उसे गिरा दिया. इसके बाद हथियार के बल पर बैग लूटने का प्रयास किया गया. कारोबारी ने विरोध किया तो उस पर हमला भी किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
लोगों की सतर्कता से नाकाम हुई लूट
घटना के दौरान संघर्ष में एक आरोपी की पिस्तौल सड़क पर गिर गई. शोर सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए और बदमाशों का विरोध शुरू कर दिया. स्थानीय लोगों ने ईंट-पत्थर फेंककर आरोपियों को घेरने की कोशिश की. खुद को फंसता देख बदमाश बाइक पर सवार होकर भाग निकले. भागते समय उन्होंने लोगों में डर फैलाने के लिए फायरिंग भी की, लेकिन भीड़ की तत्परता के कारण उनका पूरा मंसूबा सफल नहीं हो सका.
100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से मिली अहम कड़ी
घटना के बाद कपासहेड़ा थाना पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया. टीम ने इलाके और आसपास के क्षेत्रों में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक पहुंची. लगातार प्रयासों के बाद गौतमबुद्ध नगर, पलवल, हापुड़ और करनाल से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी, अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं.
कई गंभीर मामलों में शामिल रहा है गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. गिरोह का सरगना सुनील कई गंभीर मामलों में वांछित था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. उसके खिलाफ हत्या समेत कई संगीन अपराध दर्ज हैं. पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने कारोबारी की पहले से रेकी की थी और हाल के दिनों में फिरोजाबाद लूटकांड तथा फरीदाबाद रंगदारी मामले में भी इसकी भूमिका रही है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े अपराधों की जांच को आगे बढ़ा रही है.
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