Amit Shah In Jagdalpur: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि आज बस्तर में डर और हिंसा का दौर खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि कभी बंदूकों और भय के साये में जीने वाला बस्तर अब खुलकर सांस ले रहा है और यहां के लोगों के चेहरे पर भविष्य को लेकर भरोसा और उत्साह साफ दिखाई देता है. शाह ने दावा किया कि बस्तर अब पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और यह देश के लिए बेहद गर्व और संतोष का विषय है.
बस्तर में बदला माहौल
अमित शाह ने कहा कि आज बस्तर की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. पहले यहां के लोग भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर थे, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय और लगातार चलाए गए अभियानों के कारण नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है.
उन्होंने कहा कि बस्तर में अब विकास, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की नई शुरुआत हो रही है. लोगों के भीतर अब भविष्य को लेकर भरोसा दिखाई दे रहा है, जो लंबे समय तक हिंसा प्रभावित रहे इस क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
Addressing a Press Conference in Jagdalpur, Chhattisgarh.#NaxalMuktVikasYuktCG https://t.co/SB4rutvbig
— Amit Shah (@AmitShah) May 19, 2026
13 दिसंबर 2023 को बताया अहम मोड़
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कुछ महत्वपूर्ण तारीखों का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 वह दिन था, जब छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और इसके बाद नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को नई दिशा मिली.
अमित शाह ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पहले से थी, लेकिन राज्य में कांग्रेस सरकार होने के कारण अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा था. उन्होंने यह भी कहा कि कई गैर-भाजपा सरकारों ने केंद्र का साथ दिया, लेकिन छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में पर्याप्त सहयोग नहीं किया.
तय समय से पहले खत्म हुआ नक्सलवाद
उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2024 को विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद यह लक्ष्य तय किया गया था कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा.
शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम, साहस और बलिदान की बदौलत यह लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया गया. उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च 2026 से पहले ही देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया गया था.
विकास रुकने की वजह था नक्सलवाद
गृह मंत्री ने कहा कि लंबे समय तक यह तर्क दिया जाता रहा कि नक्सलवाद इसलिए फैला क्योंकि विकास इन इलाकों तक नहीं पहुंचा. लेकिन उनका कहना था कि वास्तविकता इसके उलट थी. उन्होंने कहा कि विकास न पहुंचने की सबसे बड़ी वजह ही नक्सलवाद था.
उन्होंने कहा कि देश में कई ऐसे पिछड़े इलाके थे जहां संसाधनों की कमी थी, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं फैला और समय के साथ वे आगे बढ़ते गए. जबकि बस्तर हिंसा और आतंक के कारण लगातार पीछे रह गया.
अब विकास की नई शुरुआत
अमित शाह ने कहा कि 19 मई 2026 वह ऐतिहासिक तारीख है, जब नक्सल प्रभावित इलाकों में व्यापक और समग्र विकास की नई योजना की शुरुआत की जा रही है. उन्होंने कहा कि अब सरकार का फोकस सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और उद्योग जैसे क्षेत्रों में तेज विकास किया जाएगा.
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बस्तर देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा और यहां के युवाओं को अब बंदूक नहीं बल्कि शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे.
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