इजरायल ने ट्रंप के साथ किया खेल, ईरान-अमेरिका पीस डील पर गहराया संकट, लेबनान में तेज हुई सैन्य कार्रवाई

US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शुरुआती शांति समझौते के बाद पश्चिम एशिया में स्थिरता की उम्मीद जगी थी, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर तनावपूर्ण होते दिखाई दे रहे हैं.

Israel deals blow to Trump crisis deepens Iran-US peace deal military action intensifies Lebanon
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US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शुरुआती शांति समझौते के बाद पश्चिम एशिया में स्थिरता की उम्मीद जगी थी, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर तनावपूर्ण होते दिखाई दे रहे हैं. दक्षिणी लेबनान में इजरायल की ताजा सैन्य कार्रवाई और अमेरिका-ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता के स्थगित होने से शांति प्रयासों पर सवाल खड़े हो गए हैं.

लेबनान में फिर तेज हुई सैन्य कार्रवाई

फ्रांस में हुए शुरुआती समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्ष को कम करना और विभिन्न मोर्चों पर हिंसा रोकना था. समझौते के बाद उम्मीद की जा रही थी कि लेबनान समेत पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां सीमित होंगी.

हालांकि इसके बाद दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए. रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में कई लोगों की मौत हुई है. इजरायल का कहना है कि जब तक सुरक्षा संबंधी खतरे पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते, उसकी कार्रवाई जारी रहेगी.

स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित वार्ता स्थगित

अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक 14-सूत्रीय समझौते को आगे बढ़ाने के लिए स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में तकनीकी स्तर की बातचीत प्रस्तावित थी. लेकिन यह बैठक फिलहाल टाल दी गई है. जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जिन्हें इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभानी थी, उन्होंने अपना स्विट्जरलैंड दौरा स्थगित कर दिया है. इसके बाद बैठक भी आगे नहीं बढ़ सकी.

व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस ने वार्ता स्थगित होने के पीछे व्यवस्थागत और लॉजिस्टिक कारणों का हवाला दिया है. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लेबनान में जारी इजरायली हमलों को लेकर ईरान ने असंतोष जताया है और इसी वजह से अपने प्रतिनिधिमंडल की यात्रा रोक दी. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है.

इजरायल को लेकर अमेरिका का संदेश

शांति समझौते के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल के संदर्भ में कड़ा बयान दिया. उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संयम दिखाना होगा और मौजूदा हालात में तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचना चाहिए. उनकी टिप्पणी को इस रूप में देखा जा रहा है कि अमेरिका क्षेत्रीय संघर्ष को और बढ़ने से रोकना चाहता है.

सीजफायर की कोशिशों पर असर

हालिया समझौते के तहत लंबे समय तक संघर्ष विराम लागू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे थे. लेकिन लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई और वार्ता के स्थगन ने इस प्रक्रिया को अनिश्चितता में डाल दिया है.

फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका, ईरान और इजरायल आने वाले दिनों में किस तरह के कदम उठाते हैं और क्या पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में बातचीत फिर पटरी पर लौट पाती है.

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