Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए कथित धर्मांतरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. नासिक की एक TCS कंपनी से जुड़े चर्चित केस में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की गिरफ्तारी छत्रपति संभाजीनगर से की गई. इस कार्रवाई को नासिक पुलिस और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद से ही निदा खान लगातार फरार चल रही थी. उसकी तलाश के लिए विशेष जांच टीम (SIT) लगातार अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही थी. करीब 25 दिनों की लंबी तलाश के बाद आखिरकार पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली.
नाइगांव इलाके से हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर शहर के नाइगांव इलाके में छिपी हुई है. सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी की और कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को नासिक लाने की तैयारी कर रही है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस अब उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी.
अग्रिम जमानत की अर्जी हुई थी खारिज
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए निदा खान ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. हालांकि, इस महीने की शुरुआत में अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी.
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया था कि मामले में कई डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान सामने आए हैं. जांच एजेंसियों का कहना था कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है ताकि पूरे नेटवर्क और मामले की गहराई तक पहुंचा जा सके.
SIT ने अदालत में रखे कई अहम तथ्य
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित SIT ने अदालत को बताया था कि आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की. जांच के दौरान यह भी दावा किया गया कि पीड़िता को हिजाब और बुर्का पहनने के लिए प्रेरित किया गया था.
इसके अलावा, जांच एजेंसियों के अनुसार पीड़िता को धार्मिक सामग्री, वीडियो और मोबाइल एप्लिकेशन भी भेजे गए थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इसका नेटवर्क किन-किन शहरों तक फैला हुआ था.
पति से पूछताछ के बाद तेज हुई जांच
इस मामले में पुलिस पहले ही निदा खान के पति से पूछताछ कर चुकी है. पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की थी. हालांकि शुरुआती दौर में आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगी.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी और उसके कुछ रिश्तेदारों के मोबाइल फोन भी लंबे समय तक बंद पाए गए, जिससे जांच टीम को लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद SIT लगातार तकनीकी और स्थानीय नेटवर्क की मदद से उसकी तलाश में जुटी रही.
ये भी पढ़ें- Iran US War: अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, बंदर अब्बास और केशम पर किया हमला